राजस्थान के अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह अराई रोड पर एक स्कॉर्पियो कार में 4 लोगों के जलकर कंकाल बनने की घटना बड़ा नरसंहार निकली है जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महज कुछ ही घंटों में इस खौफनाक ‘फैमिली मर्डर मिस्ट्री’ का पर्दाफाश कर दिया है पुलिस जांच में सामने आया है कि इस वारदात को किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं बल्कि मृतक पूर्व सरपंच के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने अपनी मां और बहन के साथ मिलकर अंजाम दिया था पुलिस ने मृतक की पहली पत्नी, बेटी और नाबालिग बेटे को हिरासत में ले लिया है !
पुलिस जांच के मुताबिक, इस पूरे हत्याकांड की जड़ें श्रीरामपुरा गांव के निवासी और कांग्रेस के पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी के वैवाहिक जीवन के विवादों से जुड़ी हैं रामसिंह की मां पूसी देवी भी पूर्व सरपंच रह चुकी थीं रामसिंह ने वर्ष 2005 में सुनीता चौधरी से पहली शादी की थी जिससे उनके एक बेटा और एक बेटी हैं इसके बाद वर्ष 2019 में रामसिंह ने सुनीता की मर्जी के खिलाफ सुरज्ञान नाम की महिला से प्रेम विवाह कर लिया जो निवर्तमान जिला परिषद सदस्य थीं और वकालत की पढ़ाई कर रही थीं दूसरी शादी के बाद से ही पहली पत्नी सुनीता और उसके बच्चे खुद को हाशिए पर महसूस करने लगे जिसके चलते घर में लगातार गंभीर विवाद और क्लेश रहने लगा था !
सख्ती से की गई पूछताछ में आरोपी नाबालिग बेटे ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसका पिता रामसिंह शराब के नशे में उसकी मां सुनीता, बहन और उसके साथ मारपीट करता था आरोपी के अनुसार, रामसिंह उसकी मां को मुर्गा बनाकर पीटता था और पूरे परिवार को प्रताड़ित करता था घर के सारे काम उसकी मां से करवाए जाते थे और उन्हें बाहर भी नहीं जाने दिया जाता था इस प्रताड़ना के कारण बेटे के मन में पिता के प्रति गहरी नफरत पैदा हो गई थी उसने अपनी मां से कई बार कहा था कि वह एक दिन पिता को जान से मार देगा !











































