राजस्थान के कोटा की ‘गोल्डन गर्ल’ अरुंधती चौधरी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह रिंग की असली क्वीन हैं दरअसल गुरुवार को मंगोलिया में खेली जा रही एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में अरुंधती ने कजाकिस्तान की बॉक्सर बख्येत सेईदिश को करारी शिकस्त दी है 70 किलोग्राम भार वर्ग में खेलते हुए अरुंधती ने शुरुआत से ही अपनी विपक्षी खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा और 5-0 से हराकर अंत में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया !

9 अप्रैल की सुबह से ही पूरे देश की नजरें इस फाइनल मुकाबले पर टिकी थीं अरुंधती ने रिंग में उतरते ही अपने सधे हुए पंचों से कजाकिस्तान की बख्येत सेईदिश को बैकफुट पर धकेल दिया. फाइनल राउंड में अरुंधती की फुर्ती और तकनीक का विरोधी बॉक्सर के पास कोई जवाब नहीं था जीत की घोषणा होते ही मंगोलिया के खेल मैदान में तिरंगा लहरा उठा !
कोटा की महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी से अपने करियर की शुरुआत करने वाली अरुंधती फिलहाल भारतीय सेना की टीम का प्रतिनिधित्व करती हैं उनके कोच अशोक गौतम ने बताया कि अरुंधती की मेहनत आज रंग लाई है इससे पहले भी वह जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड और बुल्गारिया में हुए स्ट्रैंड्जा मेमोरियल में सिल्वर मेडल जीतकर अपना लोहा मनवा चुकी हैं उनके नाम अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधा दर्जन से ज्यादा गोल्ड मेडल दर्ज हो चुके है !
अरुंधती की इस ऐतिहासिक जीत के बाद कोटा में उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है पिता सुरेश चौधरी और माता सुनीता चौधरी ने बेटी की कामयाबी पर खुशी जाहिर की है परिजनों और जिला मुक्केबाजी संघ को अब उम्मीद है कि अरुंधती का अगला पंच सीधा ओलंपिक में पदक पर लगेगा !











































