राजस्थान के परिवहन विभाग में लंबे समय से चल रहे थ्री-डिजिट घोटाले में आखिरकार पहली FIR दर्ज हो गई है जयपुर के गांधीनगर थाने में RTO प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत के जरिए दायर की गई FIR के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है यह घोटाला सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर VIP और मनचाहे नंबरों के फर्जी आवंटन से जुड़ा है !
अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिल कर जाली दस्तावेज तैयार किए और सरकारी राजकोष को 500 करोड़ों रुपये का नुकसान करा कर मनमुताबिक तरीके से नंबर आवंटित किए इसके तहत कुल 39 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं में मामला दर्ज हुआ है !
जयपुर RTO प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत की शिकायत पर दर्ज इस मुकदमे में विभाग के कई ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों पर FIR दर्ज की गई है जिसमें संयुक्त आयुक्त धर्मपाल आसीवाल,RTO इन्दु मीणा, ARTO प्रकाश टहलियानी, DTO संजय शर्मा, सुनील सेनी, संजीव भारद्वाज, संस्थापन अधिकारी राज सिंह चौधरी, सहायक एवं लिपिक अयूब खान, जहांगीर खान, सुरेश तनेजा, कपिल भाटिया के नाम शामिल है इनके अलावा 12 से अधिक अन्य कार्मिकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है !











































