राजस्थान विधानसभा में विश्वविद्यालयों के कानूनों में संशोधन विधेयक पर तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की 32 विश्वविद्यालयों में से केवल 4 में ही राजस्थान के कुलपति हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुलपतियों की संख्या पर सवाल उठाते हुए योग्यता पर संदेह जताया। इस बहस में निर्दलीय विधायक RAVINDRA SINGH BHATI ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कुलपति नियुक्तियों में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने सीधे तौर पर कहा, “आजकल अटैची भरने वालों को ही कुलपति बनाया जाता है। ये कुलपति फिर तीन साल तक अपना ‘निवेश’ वसूलने में लगे रहते हैं।”
TIKARAM JULLY और दिया कुमारी में विधानसभा में हुई बहस, हो गया जोरदार हंगामा !
TIKARAM JULLY ने एक मेडिकल यूनिवर्सिटी का हवाला देते हुए चिंता जताई कि महाराष्ट्र में एक ऐसे व्यक्ति को कुलपति (VC) नियुक्त कर दिया गया है जो चिकित्सक नहीं है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कई विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों को वेतन तक नहीं मिल पा रहा है, और लगभग 4000 पद रिक्त पड़े हैं।
मंत्री सर्किट हाउस में नहीं विश्वविद्यालयों में रूकें- RAVINDRA SINGH BHATI
भाटी ने कठोर शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तत्काल आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो पूरी व्यवस्था चरमरा जाएगी, उन्होंने मंत्री से पुरजोर आग्रह किया कि वे अपने दौरों के दौरान सर्किट हाउसों में रुकने की बजाय विश्वविद्यालयों में प्रवास करें और प्राथमिकता से रिक्त पदों को भरें। जूली ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल नाम बदलने से कोई सार्थक परिवर्तन नहीं होगा, वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति के मूल्यों को पुनर्जीवित किया जाएगा।











































