राजस्थान में पंचायत चुनाव टल गये है लेकिन सियासत तेज हो गई हैं बीजेपी ने अब राज्य के दलित वोट बैंक पर सीधी नजर गड़ा दी है इस रणनीति के चलते बीजेपी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े स्तर पर मनाने जा रही है राजस्थान की कुल आबादी में दलित समुदाय की हिस्सेदारी करीब 17 प्रतिशत मानी जाती है राजस्थान में दलित समाज को लंबे समय से कांग्रेस का परंपरागत और मूल वोट बैंक माना जाता रहा है लेकिन अब बीजेपी इस समीकरण को बदलने की कोशिश में जुटी है बीजेपी इस वर्ग को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार अभियान चला रही है !

बीजेपी ने अंबेडकर जयंती पर 7 से 14 अप्रैल तक राज्यभर में बड़ा जनसंपर्क अभियान चलाने का प्लान बनाया है इस दौरान पूरे प्रदेश में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे जिनके जरिए दलित समाज तक सीधी पहुंच बनाई जाएगी वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने दलित समाज को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया और विकास से दूर रखा वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहब को सम्मान देने का काम भी किया गया !
बीजेपी की रणनीति सिर्फ कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा कार्यक्रम के लिए प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी के संयोजन में प्रदेश स्तरीय टोली गठित की गई है दलित समाज से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी दी जा रही है जिला स्तर और मंडल स्तर पर भी टोलियां गठित कर दी गई है सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि भी अभियान में शामिल होंगे !
हालाँकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दलित वोट बैंक राजस्थान में हमेशा से किंगमेकर रहा है ऐसे में बीजेपी का यह अभियान कांग्रेस के पारंपरिक आधार पर सीधी चुनौती माना जा रहा है कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल बीजेपी पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाते रहे हैं ऐसे में बीजेपी का यह अभियान उस छवि को बदलने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है !











































