गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म का दामाद अनिल खटाना घूस की रकम लेकर भाग गया। CBI उसे 2 महीने से ढूंढ रही है। अनिल खटाना दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर है और लाहौरी गेट थाने में तैनात था। CBI ने 29 जनवरी को उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया, लेकिन ऐन मौके पर भनक लगने से ट्रेप फेल हो गया। कार्रवाई पुरानी दिल्ली के सैय्यद अनीस अहमद की शिकायत पर हुई। अनीस दूतावासों के बाहर वीजा फॉर्म आदि भरने का काम करता है। शिकायत के अनुसार, अभय सिंह नामक व्यक्ति ने वीजा से जुड़े काम के लिए अनीस को 29,700 रुपए ट्रांसफर किए।
अनिल मेरे दामाद हैं, जांच चल रही है- जवाहर सिंह बेढ़म
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने मामले को लेकर कहा है कि- हां, अनिल खटाना मेरे दामाद हैं। उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ है। एजेंसी जांच कर रही है, उसे करनी भी चाहिए। ये उसका अधिकार भी है। जांच में जो भी पाया जाएगा, एजेंसी उसके अनुसार आगे निर्णय करेगी।

जेल से बचाने के लिए मांगे 2 लाख की रिश्वत
बेटे की शादी की वजह से अनीस समय पर काम नहीं कर पाया। मामला अनिल खटाना तक पहुंचा तो उसने अभय के पैसे लौटाने को कहा और जेल जाने से बचाने के लिए 2 लाख रुपए की घूस मांगी।
25 जनवरी को अनिल खटाना और एक सिपाही एफआईआर दर्ज हुए बिना ही अनीस को पकड़ कर फतेहपुरी पुलिस चौकी ले गए। बेटे ऊजेर अहमद को भी वहां बुला लिया।
बेटे के सामने ही अनीस की तलाशी लेकर नीचे बिठा दिया। गिरफ्तार करने का नाटक भी किया। रिश्वत की रकम का इंतजाम करने के लिए दो दिन की मोहलत देने के भी 25 हजार रुपए वसूल लिए। अनीस के पर्स में रखे 15 हजार रुपए ले लिए और बेटे से 10 हजार और मंगवाए।
अनीस ने 27 जनवरी को सीबीआई में शिकायत की। एजेंसी ने वैरिफिकेशन किया तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। 29 जनवरी को ट्रेप के दौरान खटाना ने लाहौरी गेट थाने में रिश्वत के 10 हजार रुपए ले लिए। बाकी रकम लेने से पहले ही सीबीआई की टीम आने का संदेह हो गया और दूसरे रास्ते से भाग गया। सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एफआईआर दर्ज की है।
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CBI ने भरतपुर- डीग में दो दिन दी दबिश
CBI ने अनिल खटाना को पकडने के लिए दो दिन तक भरतपुर डीग में भी दबिश दे चुकी है। एजेंसी ने 16 व 18 मार्च को भरतपुर व डीग में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा। दरअसल, सीबीआई को दो सप्ताह पहले खटाना के भरतपुर के बयाना में छिपे होने का इनपुट मिला था। टीम दबिश देने पहुंची उससे पहले ही वहां से निकल गया। एक दिन बाद डीग जिले में लोकेशन मिली। यहां संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारा तो कुछ घंटे पहले ही निकलने की सूचना मिली। CBI से जुड़े सूत्रों के अनुसार खटाना अभी भी राजस्थान में ही कहीं छिपा है, लेकिन शातिर तरीके से बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा है।
2 लाख मांगे, आखिर में 70 हजार में डील की
अनिल खटाना ने अनीस अहमद से शुरुआत में 2 लाख रुपए की घूस मांगी। आखिर में 70 हजार रुपए में डील हुई। खटाना ने वादा किया कि पूरी रकम मिलने के बाद केस बंद हो जाएगा। अनीस के बेटे ऊर्जर ने लाहौरी गेट थाने की तीसरी मंजिल पर सीढ़ियों के पास 10 हजार रुपए दिए। कुछ मिनट बाद ही सीबीआई की टीम के साथ 60 हजार लेकर लौटने से पहले ही खटाना दूसरी तरफ बनी सीढ़ियों से भाग गया। थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में खटाना सीढ़ियों से भागता हुआ कैद हुआ। सीबीआई की टीम को यह जानकारी नहीं थी कि थाने में दूसरी तरफ भी सीढ़ियां हैं।
पहली मंजिल पर बुलाया, तीसरी पर पैसे लिए
अनिल खटाना ने सीबीआई के ट्रेप से बचने के लिए हर स्तर पर सर्तकता बरती। अनीस अहमद के बेटे ऊजेर को पहले लाहौरी गेट थाने की पहली मंजिल पर बुलाया । वो जब यहां घूस की रकम देने लगा तो मना कर दिया और तीसरी मंजिल पर ले गया। यहां 10 हजार रुपए लिए। सीबीआई ने 28 जनवरी को जब रिश्वत मांगने का वैरिफिकेशन किया तब भी खटाना ने ऐसा ही किया था। प्रकरण दर्ज हुआ है, जांच चल रही है !











































