जल जीवन मिशन घोटाले में ACB ने आरोपी दलाल संजय बड़ाया को हिरासत में ले लिया है ACB ने दिल्ली एयरपोर्ट से बड़ाया को पकड़ा और उसे जयपुर लाया जा रहा है उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था जानकारी के अनुसार, वह थाईलैंड में किसी शादी समारोह में गया हुआ था वहां से लौट रहा था एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद ब्यूरो इमीग्रेशन ने ACB की टीम को सूचना दी रात करीब 2 बजे उसे हिरासत में लिया गया !
संजय बड़ाया की भूमिका को लेकर भी खुलासा हो चुका है ACB के अनुसार, उसकी भूमिका दलाल की मानी जा रही है जयपुर लाने के बाद पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है इस कार्रवाई को DIG डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अंजाम दिया गया कार्रवाई में एएसपी महावीर प्रसाद शर्मा, एएसपी भूपेंद्र सिंह और एएसपी हिमांशु कुलदीप शामिल रहे बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर की गई !
संजय बड़ाया जयपुर के बनीपार्क का रहने वाला है उसे ED ने 16 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया था सुप्रीम कोर्ट से 17 दिसंबर 2024 को उसे जमानत मिली थी साल 022 तक मैसर्स मेरूलैंड्स इंश्योरेंस कंपनी में जॉब करता था सालाना 7 लाख रुपए कमाने वाला बड़ाया कुछ ही महीनों में करोड़पति बन गया ED की जांच में सामने आया कि उसने मैसर्स चमत्कारेश्वर बिल्डर्स एंड डेवलपर नाम से नई कंपनी बनाई इसमें अपनी पत्नी नैना बड़ाया को भी पार्टनर बनाया इस कंपनी के नाम से उसने जयपुर में करोड़ों का कारोबार किया फर्जी दस्तावेजों से जेडीए पट्टे की जमीनें हड़पने के भी प्रयास किए !











































