अपने बयानों के चलते चर्चा में रहने वाले पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने एक बार फिर अजीबो-गरीब बयान दिया है दरअसल झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी क्षेत्र में कुछ लोगों पर जबरन मकान और गैराज ध्वस्त कर जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है, जिसके विरोध में पिछले कुछ दिनों से कलक्ट्रेट के पास धरना चल रहा है। धरने के छठे दिन सोमवार को पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा ने शिरकत की और पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए।
गरीबों से ली रिश्वत तो हो जाएंगे भस्म- राजेंद्र गुढ़ा
पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि पुलिसवालों के इशारे पर ही रोशनलाल के मकान व गैराज पर कब्जा किया गया है। जो पुलिसवाले गरीबों से रिश्वत लेंगे उनका एक्सीडेंट होगा। उनकी रीढ़ की हड्डी टूट जाएगी। उनके कैंसर होगा। गुढ़ा ने कहा कि जैसे मरे हुए जीव की चमड़ी से लोहा भस्म हो जाता है, वैसे ही गरीबों को परेशान करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के परिजनों के साथ भी बुरा होगा। उन्होंने कहा कि पुलिसवाले पीड़ितों को ही धमका रहे हैं। धरने में बहुजन समाज के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान अनेक महिलाएं भी मौजूद रही।
ये है पूरा मामला
रोशन मेघवाल, जो वर्षों से अपनी खातेदारी भूमि पर एक गैराज चला रहे थे, ने 3 मार्च 2025 को विकास के फोन से विनोद चौधरी द्वारा धमकी मिलने की शिकायत की थी कि उन्हें या तो अपना गैराज और मकान खाली करना पड़ेगा या गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पुलिस को कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। 5 मार्च की शाम को बदमाशों ने जेसीबी मशीन का उपयोग कर रोशन के घर और गैराज को तोड़ दिया, और उनके परिवार के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें लगभग 10-15 लाख रुपए का नुकसान हुआ। इस घटना के बाद, पीड़ित राजेश देवी ने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है।












































