झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव के सरकारी स्कूल में बीते साल छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी जबकि 20 से ज्यादा छात्र घायल हो गए थे इस हादसे के एक साल बाद भी सरकारी स्कूलों के हालात कुछ खास सुधरे नहीं हैं इस बीच प्रदेश में मानसून के दौरान सरकारी स्कूलों के हालात और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता के बीच शिक्षा मंत्री का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है उन्होंने स्कूलों के हालातों पर पूछे गए सवाल पर अजीबोगरीब बयान देते हुए कहा कि कोई भगवान तो हम हैं नहीं !

जयपुर के शिक्षा संकुल में सैनिक बालिका स्कूल की समीक्षा के दौरान स्कूलों में संभावित हादसों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि ये प्रकृति है और दुर्घटनाएं न हों इसके लिए प्रयास किया जा रहा है कोई भगवान तो हम हैं नहीं लेकिन हमारा प्रयास रहेगा कि किसी प्रकार की अनहोनी घटना न हो और बच्चे सुरक्षित रहें !
जब मानसून के दौरान प्रदेश के कई स्कूलों में भवनों की जर्जर स्थिति, छतों से रिसाव और अन्य सुरक्षा संबंधी समस्याएं सामने आ चुकी हैं ऐसे में उनके इस बयान पर सवाल उठ रहे हैं कि विभाग की जिम्मेदारी केवल प्रयास तक सीमित है या सुरक्षा मानकों को पूरी तरह लागू कराने की भी है हालांकि, शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों और स्कूल प्रधान को स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जहां भी खतरे की आशंका हो वहां छात्र ना बैठे और तत्काल कार्रवाई की जाए !
उधर, शिक्षा मंत्री ने कारगिल विजय दिवस के आयोजन को लेकर भी घोषणा की है उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को रविवार होने के कारण इस बार 25 जुलाई को सुबह 11:20 बजे राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों में सामूहिक राष्ट्रगान होगा और कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी !











































