राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का अधिकारियों को फटकार लगाना और पाई-पाई का हिसाब मांगना कांग्रेस को एक बड़े अवसर जैसा प्रतीत हो रहा है इसका फायदा उठाते हुए टीकाराम जूली ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साध दिया और कड़ी प्रतिक्रिया दी है जूली ने X पर लिखा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का ट्वीट भाजपा सरकार की सच्चाई उजागर करने के लिए काफी है !

साथ ही उन्होंने लिखा कि कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी कि पूर्व मुख्यमंत्री को अपनी पार्टी की सरकार के बावजूद पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति के लिए अपनी बात मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से कहनी पड़ रही है जब भाजपा की ही पूर्व मुख्यमंत्री इस सरकार के अधिकारियों के सामने इतनी मजबूर हैं तो आमजन की स्थिति समझी जा सकती है !
ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन: चुनाव जून से पहले नहीं होंगे, जानें क्या है वजह!
बता दें कि मंगलवार शाम रायपुर कस्बे के दौरे पर पहुंची वसुंधरा राजे से जब ग्रामीणों ने पेयजल संकट की शिकायत पर तो पूर्व मुख्यमंत्री जलजीवन मिशन और जलदाय विभाग के अफसरों पर भड़क पड़ीं राजे ने अधिकारियों से पूछा कि क्या जनता को प्यास नहीं लगती, सिर्फ आप अफसरों को ही लगती है गर्मी में पेयजल संकट के कारण जनता त्रस्त है और अफसर तृप्त हैं पानी कागजों में नहीं लोगों के होठों तक पहुंचे अफसर सो रहें है और लोग रो रहें हैं मैं ऐसा नहीं होने दूंगी !

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 42 हजार करोड़ जल जीवन मिशन में दिए हैं पाई-पाई का हिसाब दो कि झालावाड़ के हिस्से की राशि का आपने क्या किया पेयजल संकट निवारण के लिए हमारी सरकार तो पैसा दे रही है लेकिन अफसर योजनाओं की सही क्रियान्विति नहीं कर रहे इसलिए राजस्थान के लोग प्यास से व्याकुल हैं यह तो अप्रैल का हाल है जून-जुलाई में क्या होगा !
राजे के सवाल का अधीक्षण अभियंता सहित उपस्थित किसी भी अधिकारी ने संतोषप्रद जवाब नहीं दिया इस पर राजे ने कहा कि लोगों के धैर्य की परीक्षा मत लीजिए झालावाड़ में ऐसा हरगिज नहीं चलेगा !











































